Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full __full__ 🎁 Full HD
रायण हेठे प्रभुजी बैट्ठा, समवसरण नी रीते,प्रथम केवलज्ञान पा म्या, आदिनाथ अणी प्रीते;कोटि देव परिवा रशुं, देशना दे जगनाथ,चरण कमल नी सेवा करतां, मळे अविचल साथ।
आदिनाथ प्रभु ने इसी वृक्ष के नीचे ध्यान लगाया था। यह स्थान अत्यंत ऊर्जावान माना जाता है। स्तवन:
अंतिम लघु स्तुति। यात्रा के लिए सुझाव palitana 5 chaityavandan in hindi full
भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर श्री पुंडरीक स्वामी ५ करोड़ मुनियों के साथ इसी पर्वत पर मोक्ष पधारे थे, इसीलिए इस पर्वत का नाम 'पुंडरीक गिरि' भी है। यह चौथा चैत्यवंदन है।
शत्रुंजय तीर्थ के मुख्य नायक प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) हैं। यह चैत्यवंदन दादा आदिनाथ के चरणों में समर्पित है। समवसरण नी रीते
ऊपर दिए गए विशिष्ट स्थान का बोलें।
"शांति जिनेश्वर सुमिरिये, जेनी अचिरा माय,विश्वसेन कुल उपन्यो, मृग लांछन पाय।" आदिनाथ अणी प्रीते
2. द्वितीय चैत्यवंदन: श्री शांतिनाथ भगवान जिनालय (Shantinath Bhagwan Chaityavandan)
भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के 99 पूर्व बार यहाँ आने की महिमा और अनंत सिद्धों की उपस्थिति को वंदन।
इसके बाद 'जं किंचि नाम तित्थं' और 'नमुत्थुणं' (शक्रस्तव सूत्र) का पाठ करें।
